MOTIVATIONAL POEM - A success poem in hindi | by zuber khan


A SUCCESS MOTIVATIONAL POEM




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01) प्रेरणादायी कविता : कायम रख अपने  हौसलों को तू 

कायम रख अपने हौसलो को तू 
तेरी कामयाबी तेरा हौसला देख रही है
ना मिटने दे अपनी चाहतो को 
इन्ही चाहतो से तुझे ज़िन्दगी बनानी है 

तेरी मंज़िल दूर है तुजसे 
लेकिन वो तुझे ही पास बुला रही है
खुद को कमजोर मत समज ऐ इंसान
हर किसी की किस्मत अलग अलग लिखी जाती है

प्यास तो लगी है कामयाबी की 
लेकिन ग्लास तो अभी खली है 
कोशिश करके जा वहा तक 
क्यों की तुजको अपनी प्यास बुझानी है

कमजोरी हम सब की एक ही रहती है 
मैं कर नही सकता ये सोच हमारी कहती है
क्यों कर नहीं सकता खुद से पुछलो एक बार
जवाब मिलेगा 
करना है मुझे ये क्यों की ये मेरी जोम्मेदारी है

कामयाबी बहोत ही easy है 
बस इंसान के अंदर जोश रहना चाहिए 
तो जोश कहा से मिलेगा । जोश मिलेगा जोश मंत्रा से

क्यों की यहाँ जोश का भंडार है

written by : zuber khan 


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02 ) प्रेरणादायी कविता : अब भी मुझे जीने की तमन्ना है। 

मेरी हर साँस के साथ मेरे आंसू निकल रहे है
मेरी आँखों के अब तेवर बदल रहे है 
मैं अब वैसा रहा नहीं हु जैसे पहले था
लेकिन उम्मीद है मैं बन जाउगा वैसा क्यों की
अब भी मुझे जीने की तमन्ना है

मेरी हालातो पर मत जाना तुम मैं कमजोर नहीं हु
मैं बन गया हु अब ऐसा पहले जैसा नहीं हु
मेरी राह देखकर मेरी मंजिल थक गयी है
अँधेरा हो गया है यहाँ अब मैं उजाले की तलाश में हु
चिरागों का उजाला नहीं चाहिए मुझे मैं खुद ही उजाला बन जाउगा क्यों की
अब भी मुझे जीने की तमन्ना है

एक वक़्त था जब सब कुछ था मेरे पास
अब कुछ नहीं तो वक़्त भी नहीं है मेरे साथ
भाग दौड़ की ज़िन्दगी से मैं तंग आ गया हु
अब सुकून भी नहीं और भाग दौड़ भी नहीं जाने क्यों
लेकिन फिर भी मई जी लू एक बार क्यों की
अब भी मुझे जीने की तमन्ना है

तुम साथ चलो या ना चलो मेरे
मेरे साथ मेरा वक़्त चल रहा है
मेरे सपने अधूरे रह गए अब उन्हें पूरा करने का मन हो रहा है
मेरी मंजिल ने बहोत राह देख ली मेरी
लेकिन हर वक़्त मैंने उसे नजरअंदाज किया है
लेकिन अब फिर से सब हासिल करना है मुझे क्यों की
अब भी मुझे जीने की तमन्ना है

मैं बस तक़दीर को मानता रहा किया कुछ भी नहीं
जो किस्मत में होगा होगा बस वही
इसी सोच ने मुझे कुछ करने नहीं दिया
किस्मत फूटी है यह कह कर रोता रहा
अब कुछ करने की उम्मीद मिल रही है क्यों की
अब भी मुझे जीने की तमन्ना है

जो गलत हुआ मेरे साथ तो किस्मत को दोष दिया
और जो सही हुआ मेरे साथ तो तो खुद को smart समजता गया
मुझे पता था कुछ तो करना है ज़िन्दगी में
लेकिन उस वक़्त यह बात फिट नहीं थी दिल में
अब एक आस जग रही है कुछ कर लू फिर से क्यों की
अब भी मुझे जीने की तमन्ना है

ये थी कहानी मेरी ज़िन्दगी की
और ये बाते निकल रही है मेरे आखरी moments की
अगले जनम का पता नहीं है लेकिन इस जनम में मैंने कुछ कर नहीं दिखाया
अब भी जीने की उम्मीद है इसीलिए मैं ये सब बता पाया
मैं मर रहा हु मुझे कोई तो बचालो क्यों की
अब भी मुझे जीने की तमन्ना है
अब भी मुझे जीने की तमन्ना है

Written by :- Zuber Khan




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