A Motivational Story - इश्क़ एक प्रेरणादायी पत्र - एक आम इंसान की कहानी

इश्क़ एक प्रेरणादायी पत्र 


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01 ) इश्क़ एक प्रेरणादायी पत्र 

इश्क़ एक ऐसी जगह जहा हर ख़ुशी को कुर्बान कर दिया मैंने
इश्क़ एक ऐसी चीज़ जहा दुनिया बनाली मैंने
अब कोई फरक नहीं पड़ता लोग क्या बोलेगे क्यों की इश्क़ को ज़िन्दगी बना लिया मैंने

हर उस इंसान की बात कड़वी लगती है जो इश्क़ और मोहब्बत के खिलाफ बात करता है सब बुरे हो जाते है मेरे लिए बस वो इंसान ही सही लगता है

क्यों भूल जाता हु मैं इश्क़ में अपने दोस्त और रिश्तेदारो को ऐसा लगता है मुझे सच्चा हो गया है प्यार जब बात करता हु दीवारो को

मुझे कुछ नहीं चाहिए ज़िन्दगी में बस वो व्यक्ति मिल जाये जिससे मैं इश्क़ करता हु उसी को अपनी ज़िन्दगी और उसी को भगवान मानता हु

कभी लगता है ऐसा क्यों हो गया है ये इश्क़ मुझे जब बात नहीं बनती हम दोनों में जब वो कहती है मासूम सूरत बना कर i am sorry बाबू तब डर लगता है उसको खोने से

लेकिन

क्या आपने सोचा है इश्क़ में भी लोग सब हासिल कर लेते है प्यार हो जाये तो ये ज़रूरी तो नहीं की सारा time अपने partner के साथ ही बिताये मानता हु प्यार में लोग पागल से हो जाते है
लेकिन आपका प्यार भी ये नहीं कहता ना की तू life में कुछ मत कर सारा time मुझे ही दे दे
सच्चा प्यार करने वाले इंसान को फिकर होती है उसके साथी की वो ऐसा कभी नहीं सोचेगा की मेरा साथी बर्बाद हो जाये
मानता हु तुम उसके साथ सारा दिन chat करते हो
मानता हु तुम सारी रात तुम उसके photos ही देखते हो
मानता हु तुमको उसके सिवा कुछ नहीं चाहिए
मानता हु तुम उसके लिए जान देने को भी तैयार है


क्या लगता है आपको ये इश्क़ प्यार एक ही जगह रुका है नहीं भाई ये भी वक़्त के साथ साथ आगे बढ़ रहा है तुम्हारे लाइफ में वो भी दिन आएगा ना जब तुम्हे बाकि की चीज़ों की भी ज़रूरत पड़ेगी
क्या करोगे तब किसको दोष दोगे
खुद को या तुम्हारे प्यार को

हा भाई अभी वक़्त है
और मैं ये नहीं कह रहा हु की तुम तुम्हारे partner से अलग हो जाओ और मैं ये भी नहीं कह रहा हु की तुम उसको time ही ना दो

यार तुम उनके साथ रहकर भी अपने dreams पुरे कर सकते हो और उनकी ज़रूरतो को और खुद की ज़रूरतो को पूरी कर सकते हो

तुम्हारे काम में तुम्हारे partner का भी support रहेगा सोचो यार कितना मज़ा आएगा


सोच कर तो देखो एक बार


- written by  : Zuber Khan

एक आम इंसान की कहानी 

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02 ) एक आम इंसान की कहानी 

ये कहानी है एक आम इंसान की। ये कहानी है एक सपनो के दुनिया में रहने वाले महान की। जब वो दुनिया में आया तो साथ में कुछ भी नहीं लाया। और दुनिया से वापिस भी गया तो खली हाथ ही गया।  फिर आप सोचेगे वो दुनिया में क्यों आया।  वो दुनिया में इसलिए आया क्यों की उसको एक महान इंसान बनना है. 

उसको महान बनने के लिए किस चीज़ की ज़रूरत है. उसको ज़रूरत है बहोत सारे सपने देखने की !

लेकिन वो सपने तो तब से ही देखना start करता है जब वो बचपन में उड़ती plane को देखकर ये कहता था की। 
मुझे भी ऐसा उड़ना है !

लेकिन उसके पंख निकलते ही काट दिए जाते है। और उसने देखे हुए सारे सपने मिट्टी में मिल जाते है !

जैसे तैसे कर के वो अपनी पढाई पूरी करता है. लेकिन अब पढाई के बाद भी तो कुछ करना होगा ना. लेकिन अब भी हक़ नहीं होता है उसको कुछ करने का ! 

लोग positive सोचते है nigative सोचते है लेकिन इसके career के बारे में उसके relative सोचते है !
अब relative जो बोले वही उसे सुन्ना पड़ता है। relative की ही बातो को मन्ना पड़ता है.
फिर 
फिर क्या 
शादी होती है बच्चे होते है !
छोटी मोटि जॉब के साथ भाई मस्त रहते है !
फिर अब problem कहा है !

सब तो ठीक है !
अच्छे से कट रही है ज़िन्दगी !
ना किसी बात का tention है ना किसी बात की परेशानी !

अरे है भाई एक बात का tention
जब चालू होगी pention

चेयर पे बैठा होगा वो 
और side में play redio station

और उस redio station पर वो एक news सुन रहा है !
जिसमे उसके ही साथ के लोग उसके ही friends उनके सपनो को पूरा करके media के सामने अपनी स्टोरी सुना रहे होंगे !
और वो हिलती हुई chair पर बैठ कर ये सोच रहा है ! अगर ना सुना होता किसी का तो आज मैं भी इनके साथ होता ! 

लेकिन अब क्या,
अब तो वो हिलती हुई chair भी रुकना बंद कर देती है ! और कुछ दिनों बाद वो किसी कोने में फेक दी जाती है ! 
क्यों की इस दुनिया में वो इंसान ही नहीं रहा तो उस chair की क्या ज़रूरत
आपको लग रहा होगा वो इंसान मर गया ना
हां भाई वो इंसान मर गया 
और इसी तरीके से वो अपनी ज़िन्दगी गुज़ार देता है 

उसके जाने के बाद उसका नाम कोई नहीं लेता है 
इस story से एक बात का पता चलता है 

जीना है तो

चाहे छोटा बन के जिओ या बड़ा बन के जिओ
दोनों में भी ज़िन्दगी कट रही है
लेकिन पचता के मत जिओ यार 
आपने देखे वो सपने उसी time पर पुरे करो 
नहीं तो क्या बादमे पछताओगे 

Written by :- Zuber Khan



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